Freelancers Took Power by 2028

The year is 2028. Freelancers are now at the forefront of the working population. With new rights, they have contributed to disrupting the daily life of companies, labour law and training. Welcome to the future…

The political class has taken up the subject

The impetus given by the self-employed and the collective conscience have overcome political immobility and measures in favour of freelancers are multiplying in the most developed countries. Society and institutions now value this new class of the working population as much as any other status, and freelancers have access to the same social benefits as employees (notably unemployment insurance) thanks to a successful merger of social protection schemes.

New rights

The Labour Code created for our grandparents’ professional world was finally reformed, and a new one was born. It now covers all categories of self-employed workers. Because until the early 2020s, in French labour law, the self-employed did not exist as such…
This new labour code also implies more rights attached to the person and no longer to the status. Already in 2014, the Nobel Prize in Economics Jean Tirole warned us about the obsolescence of labour law and its incompatibility with today’s world.

A New Ecosystem

The ecosystems of the self-employed are becoming considerably stronger at city and regional level, making life for freelancer as comfortable and advantageous as within the company. However, the attractiveness gaps between these different ecosystems are widening between cities and countries, giving rise to freelancing nations, linked together by connected platforms that promote exchanges, mutual aid and opportunities. The development of these local ecosystems facilitates global nomadism by encouraging workers to move from one region to another.

Rethinking Workspaces

The office of yesteryear is dead and the small coworking areas have given way to large real estate complexes entirely designed for the living environment of the self-employed. These spaces house a multitude of work spaces with different atmospheres to satisfy the personality and mood of workers. But also many places dedicated to creativity, relaxation, exchanges. These spaces have become living spaces open 24 hours a day, where freelancers can practice a sporting activity as well as welcome their clients, or be accompanied in their legal or commercial procedures via a dedicated desk, like Apple’s Genius Bar.

These huge structures halfway between coliving and coworking are born in the four corners of the globe and allow workers to switch from one ecosystem to another, and to meet new communities.
Living in connected communities and much more social than before, freelancers come together through professional affinities and naturally form teams that emerge as quickly as they break down, depending on the projects. The technology and flexibility of the new work statutes allow them to easily create ephemeral agencies to assemble their skills and collaborate on large-scale projects. Team organization seems to have become the most comfortable and optimal way to combine economic viability and quality of life. The microagency, the ultimate stage of the freelance consultant? Independent yes, alone no.

Working methods shaken up in ten years

The millennials generation now represents 75% of the working population. We crossed and surpassed the peak of the wage system, which no longer corresponded to our productive system. Freelancing and teleworking have become the norm, just as it is normal to have gone through 15 different jobs in less than 10 years. Most citizens combine several jobs, and organize their week according to their passions. The professional and personal aspirations of individuals have become a central concern of organizations and society as a whole.

What happens to the company?

Within the most advanced companies, the frontier of human resources has now opened up to the ecosystems of the self-employed, and freelancers on assignment are as valued as the rest of the company. More mature and structured, the ecosystem of the self-employed is fully connected to that of the large organizations and bilateral exchanges no longer suffer from insecurity or instability but on the contrary enjoy mutual benefits. Interconnections between these two connected ecosystems have become indispensable.

A readjusted training

The training of individuals within society then became a priority for the State, with a budget for vocational training that has exploded since the reform of vocational training in 2018, and with significant initiatives such as the creation of schools open 24 hours a day for all professionals, in all fields. Accustomed to constant learning and often precursors on the latest expertise, freelancers then become experts on cutting-edge skills and play a key role in spreading innovation.
And you, how do you see 2028?

Rethinking the organization of work

More than a billion jobs have been lost in 10 years. The pace of innovation has become so rapid that the workforce is forced to constantly learn new skills for almost immediate use. The ability to acquire new knowledge then seems more valuable than knowledge itself, at a time when artificial intelligence is spreading across all sectors and continuing to replace more and more jobs.

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union budget 2017 live in Hindi

इनकम टैक्स में बड़ी राहतः 5 लाख तक आय वालों का टैक्स घटकर 5%

बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहतः इनकम टैक्स घटाया गया

  • टैक्स स्लैब में बदलावः अब 3 लाख रुपये तक आमदनी वालों को टैक्स नहीं लगेगा
  • 2.5 लाख रुपये से 5 लाख तक आय वालों को 5 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा जो पहले 10 फीसदी था
  • 5 लाख से ऊपर आय वालों को भी आयकर में राहत मिली है, बाकी टैक्स स्लैब को इनकम टैक्स में 12500 रुपये टैक्स में छूट मिली है
  • 50 लाख से 1 करोड़ रुपये सालाना आय के लिए 10 फीसदी सरचार्ज
  • 3 लाख से 3.5 लाख रुपये आय वालों को 2500 रुपये टैक्स लगेगा
  • 3 लाख रुपये से ऊपर कैश ट्रांजेक्शन नहीं हो सकेगा, 3 लाख से ऊपर लेनदेन डिजिटल ही होगा

राजनीतिक चंदे पर बड़ा फैसला

  • राजनीतिक पार्टियां सिर्फ 2 हजार रुपये तक ही कैश में चंदा ले सकेंगी
  • अब 2 हजार रुपये से ज्यादा के चंदे का हिसाब राजनीतिक पार्टियों को देना होगा
  • 2 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा चेक या डिजिटल तरीके से ही लिया जा सकेगा. अब तक 20 हजार रुपये के कैश चंदे पर राजनीतिक पार्टियों को हिसाब नहीं देना होता था
  • राजनीतिक चंदे के लिए बॉन्ड आएगा, बॉन्ड पार्टी के खाते में जाएगा

छोटी कंपनियों के लिए टैक्स में राहत

  • छोटी कंपनियों को टैक्स में राहत, छोटी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी हुआ
  • 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई वाली कंपनियों का 5 फीसदी टैक्स कम किया गया

प्रॉपर्टी से जुड़े ऐलान

  • आंध्र में जमीन पर कैपिटल टैक्स नहीं
  • घरों के लिए कैपिटल गेन टैक्स घटाया गया, कैपिटल गेन टैक्स की सीमा 3 साल से 2 साल की गई
  • कार्पेट एरिया ज्यादा होगा, सस्ते घरों की स्कीम जारी रहेगी
  • बिल्ट अप एरिया को कारपेट एरिया माना जाएगा
  • काले धन पर वित्त मंत्री ने शेर सुनाया “नई दुनिया है, नया दौर है और नया है उमंग”

टैक्स पर बोले वित्त मंत्री

  • मिडिल क्लास को मिलगी टैक्स में राहत
  • वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा- 3.48 लाख करोड़ कर्ज लेगी सरकार, पिछले साल 4.2 लाख करोड़ कर्ज लिया था
  • देश का टैक्स टू जीडीपी रेश्यो काफी कम है और इसमें से भी डायरेक्ट टैक्स का कलेक्शन काफी कम है
  • 4.24 करोड़ लोग इनकम टैक्स फाइलर्स की तुलना में केवल 1.7 करोड़ लोग आयकर रिटर्न भरते हैं
  • 5.6 करोड़ व्यापारियों की तुलना में 1.81 करोड़ व्यापारियों ने टैक्स दिया है
  • 13.94 लाख 5.97 लाख कंपनियों ने रिटर्न फाइल किए हैं इसमें से सिर्फ 2.76 लाख कंपनियों ने जीरो मुनाफा या प्रॉफिट दिखाया है
  • 5 लाख से ऊपर आय सिर्फ 76 लाख लोग ही दिखाते हैं
  • 99 लाख से 5 लाख रुपये से कम आय दिखाई है
  • 56 लाख नौकरीपेशा में से 20 लाख ही 5 लाख रुपये से ज्यादा आय दिखाते हैं
  • 24 लाख लोगों ने 10 लाख से ज्यादा आय दिखाई है
  • 20 लाख व्यापारियों ने 5 लाख रुपये से ज्यादा सालाना आय दिखाई है

वित्तीय घाटे के लक्ष्य में बदलाव नहीं, वित्तीय घाटा 3.2 फीसदी ही रहेगा. रेवेन्यू, कैपिटल एक्सपेंडिचर 25.4% बढ़ाया गयाः 3.48 लाख करोड़ कर्ज लेगी सरकार, पिछले साल 4.2 लाख करोड़ कर्ज लिया था

  • राजस्व घाटे का लक्ष्य
  • राजस्व घाटे का लक्ष्य वित्त वर्ष 2016-17 के 2.3 फीसदी से घटकर 2.1 फीसदी हो गया है

रेलवे के लिए ऐलान

  • रेलवे के लिए 1 लाख 31 हजार करोड़ रुपये का फंड जारी किया
  • अब आईआरसीटीसी से टिकट लेने पर 10 रुपये कम खर्च होंगे
  • SMS से क्लीन माई कोच सेवा ली जा सकेगी
  • 21.47 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
  • रक्षा बजट के लिए 2 लाख 74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
  • माल्या जैसे लोगों की संपत्ति जब्ती के लिए कानून आएगा, भगोड़ों की संपत्ति जब्त होगी
  • मेन पोस्ट ऑफिस यानी जीपीओ से भी पासपोर्ट बन पाएंगे
  • 1.50 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड की सुविधा आएगी
  • डिजिटल इंडिया के लिए JAM योजना
  • BHIM एप पर 2 योजना, रेफेरल बोनस स्कीम लाई जाएगी
  • BHIM एप से व्यापारियों के लिए कैशबैक स्कीम बताई जाएगी
  • शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों की लिस्टिंग के लिए समयसीमा तय होगी
  • वित्तीय क्षेत्र के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीम बनेगी
  • IRCTC भी शेयर बाजार में लिस्ट होगी, रेलवे कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा
  • एफडीआई के 90 फीसदी प्रस्ताव ऑनलाइन तरीके से
  • FIPB (फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) को खत्म किया जाएगा, FIPB ही विदेशी निवेश के प्रस्तावों को मंजूरी देता था
  • इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3 लाख 96 हजार करोड़ रुपये का फंड
  • इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3 लाख 96 हजार करोड़ रुपये का फंड
  • कोच की शिकायतों के लिए कोच मित्र योजना
  • बीकानेर, ओड़ीशा में स्टोरेज के लिए भंडार बनेंगे
  • पीपीपी मॉडल से छोटे शहरों में एयरपोर्ट बनाए जाएंगे
  • हाइवे के लिए 64900 करोड़ रुपये का फंड बनेगा
  • मेट्रो रेल नीति आएगी
  • एलआईसी बुजुर्गों की नई योजना लाएगी
  • ई-टिकट से सर्विस चार्ज खत्म किया गया
  • 2020 तक चौकीदार वाले फाटक खत्म किए जाएंगे
  • गुजरात, झारखंड में नए AIIMS बनेंगे
  • एलआईसी बुजुर्गों की नई योजना लाएगी जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को 8 फीसदी तय रिटर्न मिलेगा
  • 2019 तक सारे ट्रेनों में बायो टॉयलेट लगेंगे
  • 3500 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बनेगी
  • सीनियर सिटीजन्स के लिए आधार आधारित हेल्थ कार्ड आएगा जिसमें उनकी सेहत की सारी जानकारी होगी
  • 500 किलोमीटर रेल लाइन बनेगी पर्यटन और तीर्थ के लिए नई ट्रेने आएंगी
  • सीनियर सिटीजन्स के लिए आधार आधारित हेल्थ कार्ड आएगा जिसमें उनकी सेहत की सारी जानकारी होगी
  • 500 किलोमीटर रेल लाइन बनेगी पर्यटन और तीर्थ के लिए नई ट्रेने आएंगी
  • रेलवे के लिए  1 लाख करो़ड़ रुपये से रेल रक्षा कोष बनाया जाएगा जिससे यात्री सुरक्षा में सुधार होगा
  • दलित वर्ग के लिए 52,393 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे जिसमें पिछले साल से 35 फीसदी की बढ़त की गई है
  • 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज राष्ट्रीय आवास योजना के तहत दिया जाएगा
  • सरकार 3 बीमारियां दूर करेगी, 2018 तक टीबी को खत्म करेंगे
  • 2018 तक चेचक दूर करेंगे कुष्ठ रोग दूर करेंगे
  • 2020 तक टीबी, चेचक, कुष्ठ तीनों बीमारियां खत्म की जाएंगी
  • 2022 तक 5 लाख युवाओं को रोजगार ट्रेनिंगः वित्त मंत्री
  • महिला शक्ति केंद्र बनेंगे, 6000 रुपये गर्भवती महिलाओं के खाते में डाले जाएंगे
  • 600 जिलों में पीएम कौशल केंद्र
  • सीबीएसई प्रवेश परीक्षा नहीं लेगी
  • नेशनल एंट्रेस टैस्ट के लिए नई संस्था बनेगी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाई जाएगी
  • मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाकर 48 हजार करोड़ रुपये किया गया है, मनरेगा के तहत 10 लाख तालाब बनाए जाएंगे
  • गांवों में पाइप से पानी पहुंचाया जाएगा, गांवों में 60 फीसदी घरों में शौचालय बनवाने का लक्ष्य
  • सारे गांवों में 2018 तक बिजली पहुंचेगी
  • मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाकर 48 हजार करोड़ रुपये किया गया है, मनरेगा के तहत 10 लाख तालाब बनाए जाएंगे
  • गांवों में 133 किलोमीटर सड़के रोज बन रही हैं, पहले 73 किलोमीटर सड़क रोज बनती थी
  • गांवों में बिजली के लिए 4500 करोड़ रुपये का आवंटन होगा
  • 2017-18 के लिए सरकार कुल 1 लाख 87 हजार 223 करोड़ रुपये गांवों और कृषि के लिए आवंटित करेगी
  • 2019 तक 1 करोड़ लोगों को पक्के घर मिलेंगेः वित्त मंत्री
  • किसान आय बढ़ाकर गांवों में समृद्धि लाई जाएगी
  • 3 लाख करोड़ गांवों में खर्च होते हैं, 2019 तक 50 हजार पंचायतें गरीबी से मुक्त होंगी
  • ट्रांसफर्म, एनालाइज और क्लीन का लक्ष्य लेकर सरकार चल रही है
  • 1 करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर लाना हैः वित्त मंत्री
  • 8 हजार करोड़ रुपये से मिल्क प्रोसेसिंग फंड बनेगा
  • 5 हजार करोड़ रुपये से सूक्ष्म निधि फंड बनेगा
  • 20 हजार करोड़ 3 साल में नाबार्ड के लिए
  • फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं
  • 10 लाख करोड़ रुपये किसानों को मिले हैं, किसानों को कर्ज समय पर मिले इसकी व्यवस्था की जा रही है
  • 10 लाख करोड़ रुपये किसानों को मिले हैं, किसानों को कर्ज समय पर मिले इसकी व्यवस्था की जा रही है
  • सरकार टैक्स देने वालों का सम्मान करती है
  • नोटबंदी से ज्यादा टैक्स मिलेगा
  • कृ़षि विकास दर 4.1 फीसदी होने का अनुमान
  • 10 लाख करोड़ रुपये किसानों को मिले हैं, किसानों को कर्ज समय पर मिले इसकी व्यवस्था की जा रही है
  • सरकार टैक्स देने वालों का सम्मान करती है
  • TECH INDIA सरकार का एजेंडा है, डिजिटल इंडिया पर जोर है, किसान आय बढ़ाने पर जोर है
  • रेलवे बजट को आम बजट में शामिल करना ऐतिहासिक, रेलवे के सुधार के लिए कई सूत्रीय एजेंडा बनाया है
  • सरकार की आर्थिक नीतियों के केंद्र में रेलवे है और रेलवे की स्वायत्ता बनी रहेगीः वित्त मंत्री
  • गांवों के विकास पर ज्यादा खर्च पर बजट का फोकस है और गांवों में आर्थिक सुधार की कोशिश हो रही है
  • नोटबंदी के बाद बैंक कर्ज सस्ते कर सकेंगे
  • नोटबंदी का बुरा असर जल्द खत्म होगाः वित्त मंत्री
  • वित्त मंत्रीः नोटबंदी का फैसला साहसिक है और इससे बदली स्थिति जल्द सामान्य होगी
  • वित्त मंत्रीः भ्रष्टाचार के के खिलाफ नोटबंदी कारगर साबित होगी
  • वित्त मंत्रीः भ्रष्टाचार के के खिलाफ नोटबंदी कारगर साबित होगी
  • वित्त मंत्री ने कहा, सरकार ने काले धन के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और इस पर लगाम लगाई है
  • GST आर्थिक सुधार का बड़ा कदम है, टैक्स चोरी की आदत बन गई थी
  • वित्त मंत्री ने कहा, अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए नोटबंदी की
  • भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है, विदेशी निवेश भारत में बढ़ा है
  • वित्त मंत्री ने कहा, सरकार ने महंगाई पर काबू पाया है. 2017 में विकास की रफ्तार तेज होगी
  • दुनिया की मंदी में भारत उभरते सितारे की तरह दिखाई दे रहा है
  • ARUN 2019

2022 तक 5 लाख युवाओं को रोजगार ट्रेनिंगः वित्त मंत्री

नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में बजट 2017-18 पेश कर रहे हैं. इससे पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और अन्य सांसदों ने दिवंगत सासंद ई-अहमद को श्रद्धांजलि दी. विपक्षी सांसद बजट पेश करने का विरोध कर रहे हैं. कैबिनेट ने बजट को मंजूरी दे दी और लोकसभा स्पीकर ने भी बजट को हरी झंडी दे दी है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट भी किया था कि आज 11 बजे ही बजट पेश होगा. आज पहली बार रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश किया जाएगा.


जानें- बजट की पेशी के दौरान क्यों हैं हंगामे आसार

  • मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान के बाद संसद में हंगामे के आसार
  • अगर बजट एक दिन आगे बढ़ता है तो कोई नुकसान नहीं है. सदन में भी इस मुद्दे को उठाएंगे- मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता
  • अगर हम ई अहमद को सम्मान नहीं दे रहे हैं. ये तो गलत है, अब तक ये होता रहा है कि मौजूदा सांसद के निधन पर कार्रवाई स्थगित होती है- खड़गे
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद भवन पहुंचे, साथ में है बजट बैग
  • बजट की मंजूरी के लिए आज 10.30 बजे होगी कैबिनेट की बैठक
  • असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- मोदी सरकार को स्पीकर से अनुरोध करना चाहिए कि सांसद ई अहमद के निधन की वजह से आज लोकसभा स्थगित होनी चाहिए.
  • बजट की कॉपियां संसद पहुंच चुकी हैं.
  • बजट पेश करने के लिए बजट बैग लेकर अरूण जेटली  दफ्तर से निकल चुके हैं. वित्त मंत्री अभी राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के पास जा रहे हैं.
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  • बजट के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की मंजूरी मिल चुकी है. सरकार के बड़े सूत्रों ने एबीपी न्यूज़ को बताया है कि बजट पेश करने से पहले सांसद ई अहमद को श्रद्धांजलि दी जाएगी.
  • इसी बीच एबीपी न्यूज़ के सूत्रों के मुताबिक अहमद के निधन के बावजूद सरकार आज ही अपना बजट पेश करेगी. बताया जा रहा है कि रात 2 बजे बजट प्रिंट हो गया है अगर बजट पेश नहीं हुआ तो 24 घंटे स्टॉफ को और इंतजार करना पड़ेगा,ऐसे में बजट लीक हो सकता है.
  • इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री ई अहमद के निधन के बाद आज बजट पेश होने को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है.
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  • इस मुद्दे पर वित्त राज्य मंत्री संतोश गंगवार का कहना है कि चूंकि संसद के वरिष्ट सदस्य का निधन हो गया है, इसलिए पूरी संभावना है कि बजट एक दिन के लिए टल सकता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि ये फैसला लोकसभा स्पीकर को लेना है.



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